मोदी
लाल किले की प्राचीरो से
मोदी ने ललकारा है।
शांत रहें सब आस पड़ोसी
शासन आज हमारा है
सब जनता को प्रिय है मोदी
सब लोगों को प्यारा है
बहुत से शासक आए गए सब
मोदी सबसे न्यारा है
कौन गुणों से प्रिय है मोदी
किस विद्या के धनी है मोदी
किस जादू के जादूगर है
बंसी धुन से मीठे मोदी
फूलों की खुशबू से मोदी
महक रहे हैं चहक रहे हैं
सारी दुनिया घूम घूम कर
मोती जैसे दमक रहे हैं
नहीं रुकेंगे नहीं झुकेंगे
यही हमारा नारा है ।
लाल किले की प्राचीर से मोदी ने......
सबको अपने अपने संग में रखना
सब को अपने पक्ष में रखना
राजनीति का खेला है
कई देशों के बड़े-बड़े नेता
इसके सखा सहेला है
साख बढ़ी है भारत की गौरव है मान है।
मोदी के हाथों में रक्षित
अपना हिंदुस्तान हैं
मां के वीर सपूतों जैसे
दुश्मन पर हुॅकारा है
लाल किले की प्राचीरो से मोदी ने ललकारा है।
स्वर्ग कहा जाता था जग में
जिस केसर की क्यारी को
कुछ दुष्टॊ ने नाश कर दिया
सुंदर काश्मीर बेचारी को
डल झील में घूम-घूम कर
महक सेबो की सूॅघ सूॅघ कर
खुश होते थे मुक्त ठगे से
रह जाते थे सैलानी
उस डूबी कश्ती को ही मोदी ने आज उबारा है
लाल किले की लाल किले की प्राचीरो से मोदी ने ललकारा है।
मां रेवा का पूजन करके
मोदी पहुंचे अपने गांव
चरण पकड़ के मां हीरा के
हाथ जोड़कर किया प्रणाम
सिर पर हाथ रखा माता ने
चूम चूम कर माथा
जुग जुग जियो कहा माता ने
आशीर्वाद दिया माता ने
मां के हाथों से भोजन प्रसाद पाके
अपना ६९ वां जन्मदिन मना के
मातृ चरण में शीश झुका के
बहुत मुबारक बहुत बधाई
हर साल लगे यह नारा है
सारे देश में गूंज रहा अब
मोदी का जय जयकारा है
लाल किले की प्राचीरो से मोदी ने ललकारा है।
सुधा शर्मा